॥ चार तरह के लोग ॥
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जो जानता नहीं, ओर जानता नहीं कि वो जानता नहीं
वो मुर्ख है, उसे दुर भगाओ । १
जो जानता नहीं, पर जानता है कि वो जानता नहीं
वह सिधा है, उसे सिखाओ । २
जो जानता है, पर जानता नहीं कि वो जानता है
वह सोया है, उसे उठाओ । ३
ओर जो जानता है, ओर जानता है कि वह जानता है
वह ज्ञानी है, उन्है अपना गुरु बनाओ । ४
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जो जानता नहीं, ओर जानता नहीं कि वो जानता नहीं
वो मुर्ख है, उसे दुर भगाओ । १
जो जानता नहीं, पर जानता है कि वो जानता नहीं
वह सिधा है, उसे सिखाओ । २
जो जानता है, पर जानता नहीं कि वो जानता है
वह सोया है, उसे उठाओ । ३
ओर जो जानता है, ओर जानता है कि वह जानता है
वह ज्ञानी है, उन्है अपना गुरु बनाओ । ४
1 comment:
वाह क्या पते की बात है। हिन्दी में और क्यों नहीं लिखते।
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